क्या कैलाश पर्वत ही स्वर्ग जाने का रास्ता है? (Is Mount Kailash the way to heaven)
कैलाश पर्वत प्रभु महादेव का पवित्र धाम है भोलेनाथ का निवास माना जाने वाला कैलाश न की हिन्दू धर्म में बल्कि बौद्ध, जैन और सिख धर्मो में भी पवित्र माना गया है और इन धर्मो के अनुयायी भी कैलाश दर्शन के लिए जाते है| कैलाश पर पहुंचकर ऐसा अनुभव होता है जैसे मानो आस पास कोई अलौकिक शक्ति हो| कैलाश पर्वत पर आज तक कोई भी चढ़ नहीं पाया है|Also Read: हनुमान और बाली के मध्य युद्ध में कौन जीता?
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| क्या कैलाश पर्वत ही स्वर्ग जाने का रास्ता है? (Is Mount Kailash the way to heaven) |
अभी जल्द ही में वैज्ञानिकों ने बताया है की कैलाश एक मानव निर्मित पिरामिड है और हिन्दू धर्म में पुराणों के अनुसार यह पर्वत तब से है जब से इस संसार की उत्पत्ति हुयी है इसका मतलब कैलाश पर्वत पृथ्वी पर मानव के आने के काफी पहले से ही अस्तित्व में आ गया था इसलिए इसे मानव निर्मित पपिरामिड नहीं बोला जा सकता हैं|
इसके आकर और संरचना का अधयन्न कर रहे वैज्ञानिको का यह भी मानना है की कैलाश पर्वत का आकार मिस्र में बने पिरामिडो जैसा ही है और कैलाश पर्वत उन परिमाडो के साथ किसी तरह जुड़ा और सम्बन्ध भी रखता है| वैज्ञानिको ने अपनी खोज में यह भी पाया कि कैलाश पर्वत बहुत ज्यादा रेडिओएक्टिव है जो कैलाश पर्वत को बाकी सारे पर्वतो से अलग करता है|
दुनिया में प्रत्येक वस्तु रेडिओएक्टिव होती है लेकिन कैलाश पर्वत की रेडिओएक्टिविती किसी सामान्य वस्तु से ज्यादा होने के कारण कुछ वैज्ञानिक ऐसा दावा कर रहे है कि हो सकता है कैलाश पर्वत अंदर से खोखला हो और उसके अंदर एक दूसरी दुनिया बसी हो या उसके अंदर से ही किसी दूसरी दुनिया में जाने का रास्ता हो|
महाभारत के अनुसार पाण्डव अपने अंतिम समय में स्वर्ग जाने के लिए हिमालय पर गए थे महाभारत में वर्णित पाण्डव के स्वर्गारोहण की कथा के अनुसार पांडव और द्रोपदी ने स्वर्ग जाने के लिए किसी पर्वत की चढ़ाई की थी लेकिन युधिष्ठिर के अलावा बाकी कोई उस पर्वत पर नहीं चढ़ पाया इससे इस बात का अनुमान लगाया जा सकता है कि हो सकता है वह स्वर्ग जाने के लिए ही कैलाश पर्वत की चढ़ाई कर रहे हो जिस पर केवल शुद्ध आत्मा ही जा सकती है और वही जाने पर स्वर्ग का दरवाजा खोलता हो|
रामायण के अनुसार शिवभक्त रावण ने स्वर्ग तक जाने वाली सीडी बनाने का प्रयास किया था इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है की हो सकता है स्वर्ग का दरवाजा कैलाश पर्वत के ऊपर ही हो जहाँ जाने के लिए शिवभक्त रावण ने सिडिया बनाने का प्रयास किया था|
एक कथा के अनुसार जब पृथ्वी पर प्रलय आया और पूरी पृथ्वी पानी में दुब गयी तब सारे देवता कैलाश पर्वत के ऊपर एकत्र हो गए थे इससे इस बात का अनुमान लगा सकते है कि हो सकता है कैलाश के अंदर ही देवताओ का कहा जाने वाला स्वर्ग हो|
वेदो में भी कैलाश पर्वत को परम पवित्र कहा गया है और लिखा है कि इस कैलाश पर्वत पर कोई भी अपवित्र आत्मा नहीं जा सकती केवल शुद्ध आत्मा ही कैलाश पर्वत के ऊपर पहुंच सकती है| हो सकता है यही कारण है कि कैलाश पर्वत पर आज तक कोई भी नहीं चढ़ पाया और जिसने भी इस पर्वत पे चढ़ने की कोशिश की उसे अपनी जान गवानी पड़ी|
कैलाश पर्वत के यह रहस्य आज भी वैज्ञानिको के लिए एक पहली बने है इन रहस्यों को सुलझाने के लिए न जाने कितने वैज्ञानिको ने प्रयास किये लेकिन कोई भी सफल नहीं हुआ|
इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि हो सकता है की कैलाश पर्वत के ऊपर ही स्वर्ग या किसी अन्य दुनिया में जाने का रास्ता हो या कैलाश पर्वत के अंदर कोई अतिविकसित सभ्यता निवास करती हो और उन्ही की शक्तियों के प्रभाव के कारण ही कोई साधारण इंसान इस पर्वत पर नहीं चढ़ पाता हो और जो व्यक्ति कभी चढ़ा हो वो वापस ही ना आया हो उसने इस दुनिया का मोह त्याग दिया हो|
दोस्तों आपको क्या लगता है कि क्या कैलाश पर्वत ही स्वर्ग जाने का रास्ता है हमें कमेंट करके जरूर बताये|

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